Thursday, 29 November 2018

Saudi Arab shocking facts, fourth will shock you!

Saudi Arab shocking facts, हिंदी में 


Saudi Arab shocking facts, fourth will shock you!
                   Saudi Arab shocking facts, हिंदी में 



आज हम आपको बताने जा रहे है Saudi Arab की कुछ interesting बाते तो चलिए शुरू करते है...



1) हर दिन सऊदी अरब की राजधानी में लगभग 100 ऊंट बेचे जाते हैं


Saudi Arab shocking facts, fourth will shock you!
 Saudi Arab shocking facts, हिंदी में 

2) औसतन, 2015 में सऊदी अरब में हर दिन एक व्यक्ति को मार दिया गया था।


3) राज्य के घवर तेल क्षेत्र में 4,770,897 ओलंपिक स्विमिंग पूल भरने के लिए पर्याप्त भंडार हैं।


4) सऊदी अरब नदी के बिना दुनिया का सबसे बड़ा देश है।


Saudi Arab shocking facts, fourth will shock you!
 Saudi Arab shocking facts, हिंदी में 


5) सऊदी अरब एकमात्र ऐसा देश है जहां महिलाओं को ड्राइव करने के लिए मना किया जाता है।


6) सऊदी अरब की आबादी टेक्सास की तुलना में थोड़ी बड़ी है, लेकिन टेक्सास का सकल घरेलू उत्पाद लगभग दोगुना बड़ा है


7) सऊदी अरब का पेट्रोलियम क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद का 45% बनाता है, जो इसे इराक, मोरक्को, रवांडा और टोंगा के कुल सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में बड़ा बनाता है।


Saudi Arab shocking facts, fourth will shock you!
 Saudi Arab shocking facts, हिंदी में 


8) राज्य टॉवर के निर्माण की अनुमानित लागत पिछले वर्ष टेलर स्विफ्ट की राशि के मुकाबले 19 .2 गुना अधिक है।


9) सऊदी अरब में श्रम बल का लगभग 60% विदेशी है।



10) राज्य की जनसंख्या 24% से कम है और 60% से 5% है।


11) सऊदी अरब की वृद्धि में बढ़ोतरी हुई संसाधनों से बढ़ोतरी हुई है, न कि उत्पादकता में वृद्धि।


12) सऊदी अरब छह "आर्थिक शहरों" का निर्माण कर रहा है जो कि सऊदी अरब के जीडीपी में केन्या के सकल सकल घरेलू उत्पाद के रूप में 3.5 गुना अधिक होने की उम्मीद है।


13) सऊदी अरब का वार्षिक सैन्य व्यय अफगानिस्तान के जीडीपी जितना चार गुना है।


14) भारी तेल राजस्व ने सऊदी अरब को अक्षम खर्च से दूर करने में सक्षम बनाया। लेकिन कम तेल की कीमतों के साथ, यह स्पष्ट हो रहा है कि यह मॉडल टिकाऊ नहीं है।






 Saudi Arab shocking facts, हिंदी में 


तो आज हमने बात की Saudi Arab की कुछ interesting बातो का ऐसे ही और अच्छी और interesting बातो को हिंदी में जानने के लिए बने रहिये हमारे साथ !










Sunday, 25 November 2018

Price of samosa in US is $ 3.58..समोसा की क्या कीमत है US में ?

Price of samosa in US is $ 3.58..



समोसा की क्या कीमत है US में ?
समोसा 



समोसा का नाम सुनते ही मुंह से पानी आने लगता है। खट्टा मिठाई चटनी के साथ खाने के लिए यह मजेदार है। समोसा भारतीय व्यंजनों के स्नैक्स के शीर्ष पर रखा गया है। जैसे ही एक अतिथि हमारे घर में आता है, सबसे पहले, हम स्नैक्स में समोसा की सेवा करते हैं। साथ ही समोसा विदेशी देशों में भी पसंद है।




समोसा की क्या कीमत है US में ?
समोसा 



आज हम भारत में समोसे के बारे में बात कर रहे हैं, आप आसानी से 10 से 20 रुपये में खा सकते हैं, लेकिन यदि आप अमेरिका में रहते हैं और आपके पास समोसे खाने की इच्छा है, तो आपकी जेब खाली हो जाएगी। आपको लगभग 300 रुपये खर्च करना पड़ सकता है।
हां, अमेरिका में दो समोसे की कीमत $ 3.58 है और समोसा की कीमत 1.79 डॉलर है जो प्रति भारतीय 118.52 रुपये है। इस बात से स्पष्ट है कि जिन चीज़ों के लिए आप कम पैसे में यहां खरीद सकते हैं, आपको बहुत अच्छी कीमत चुकानी पड़ेगी।









तो दोस्तों ये थी हमारे प्रिय व्यंजन समोसे के बारे में दिलचस्प बात क्या अपने भी कभी सोचा था की जो समोसा हम भारत में 10 या 20 रुपए में खा रहे है उसकी कीमत US में 300 लगभग की होगी !!








Friday, 9 November 2018

A real Hostel story will shock you!

A real Hostel story will shock you!


ये कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है इसमें प्रयोग किये गए जगहों और व्यत्किगत नामो को बदल दिया गया है, इस कहानी का किसी की भी भावना को किसी भी तरह से ठेस पहुंचाने का कोई भी उद्देश्य नहीं है..




A Hostel story will shock you!




                      

ये कहानी है उन चार दोस्तों की जो बचपन से एक दूसरे के साथ रहे एक दूसरे के साथ अपना बचपन गुजारा और एक ही स्कूल में साथ पढ़े बड़े हुए..

रोहित, सौरभ, कुनाल, और सुभम ये चारो नरसिंगपुर के रहने वाले थे ये चारो जहा भी जाते हमेसा एक साथ ही रहते, चारो ने अपना बचपन एक साथ एक ही स्कूल में गुजारा था, इनकी दोस्ती की मिसाल सारा स्कूल दिया करता था.


 स्कूल लाइफ 



इन चारो की दोस्ती एक ही स्कूल से साथ में हुई थी चारो पढाई लिखाई में बहुत ही होशियार थे, और मस्ती करने  में भी, इनका कोई भी ऐसा दिन नहीं बीतता था की ये लोग अपने स्कूल में अपने टीचर को परेशान न करे, हलाकि चारो होशियार जरूर थे पर इनकी होशियारी की वजह थी इन चारो की दोस्ती और इनकी एकता क्योकि अगर कोई एक किसी प्रॉब्लम में आता तो दूसरा उनको उस प्रॉब्लम से बाहर निकाल लिया करता था.


ये चारो यू तो हमेशा मस्ती मजाक किया करते थे पर जब बात एग्जाम की आती थी तब ये चारो एग्जाम के 3 महीने पहले से ही अपनी मेहनत में लग जाया करते थे, देखते ही देखते इनकी दसवीं की एग्जाम निकल गयी जिसमे ु चारो ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया,


अब बारी थी ग्यारहवीं की जिसमे उन्हें अपना सब्जेक्ट चुनना था तो उन्होंने एक साथ ही साइंस सब्जेक्ट चुना जिसमे उन चारो को बहुत इंटरेस्ट था, चारो ने अपने भविष्य के लिए यही प्लान करके रखा था की चारो एक साथ जहा भी जायगे जों भी करंगे एक साथ ही करेंगे और उन्होंने यही किया,,देखते ही देखते उनकी बारहवीं क्लास आ गयी और उन्होंने अपनी मेहनत जारी राखी अब उनकी मस्ती मजाक की आदत बहुत हदतक काम हो चुकी थी क्योकि अब वो अपने भविष्य के लिए सीरियस हो चुके थे,



अगर हम बात करे की इन चारो में सबसे ज्यादा होशियार और समझदार कौन था तो वो था  कुनाल


कुनाल पढाई में इनमे से सबसे ज्यादा  तेज़ था और सिर्फ पढाई में नहीं बल्कि हर चीज में वो आगे था उसको पता था की ये जिंदगी कैसे जीना है किस हद तक मस्ती और किस हद तक पढाई करनी है वो दुनिया दारी की समझ बहुत अच्छे से रखता था और लोगो से हमेशा प्यार मोहब्बत से ही पेश आता था, अगर रोहित, सौरभ, और सुभम  को किसी सब्जेक्ट में या प्रश्न में कोई प्रॉब्लम आती तो ये तीनो कुनाल के पास ही जाते थे और उनकी प्रॉब्लम को कुनाल आसानी से इनको समझा दिया करता था.


देखते ही देखते इनका स्कूल ख़त्म हो गया और अब बारी थी इनको कॉलेज ढूंढ़ने की...



तीनो ने मिलकर सोचा की हम engineering  की पढाई करते है और उसके लिए उन्होंने गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए नेशनल लेवल पर होने वाले एंट्रेंस एग्जाम की तैयारियां शुरू कर दी  हलाकि वो ये बात जानते थे की उनको एक ही कॉलेज मिले ये कोई जरुरी नहीं है, क्योकि कॉलेज उनके मार्क्स के अकॉर्डिंग मिलेंगे और किसका सिलेक्शन होता है किसका नहीं ये भी उनको पता नहीं था,


तो चारो ने अपनी जी तोड़ मेहनत करी और गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए एंट्रेंस एग्जाम को दिया।।




अब वो दिन भी करीब आ गया था  जिसका इंतजार इन चारो को था,, और वही हुआ जो इतने सालो से होता आ रहा था क्योकि रोहित, सौरभ और शुभम जनरल श्रेणी से आते थे इस कारण इनका सिलेक्शन एग्जाम में कुछ मार्क्स से रह गया कुनाल जो Obc से था इसका सिलेक्शन हो चूका था पर कुनाल के मार्क्स इसके केटेगरी के कटऑफ से दुगने भी थे,


अब इन चारो को कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या करे क्या नहीं , फिर कुनाल को उसके दोस्तों ने कॉलेज ज्वाइन करने की सलाह दी जो उसे उसकी मेहनत से मिला था,पर कुनाल  ने उनकी सलाह को मना करते हुए ये decide किया की वो चारो अब अच्छे प्राइवेट कॉलेज से ही engineering करेंगे पर साथ करेंगे, कुनाल ने अपने दोस्तों का प्रॉमिस याद दिलाया की स्कूल में कैसे उन चारो ने एक साथ रहने का वादा किया था,




कुनाल ने अपने दोस्तों के लिए गवर्नमेंट कॉलेज को नामंजूर करते हुए एक अच्छे प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन की तलाश में जुट गया,जहा उन चारो का एडमिशन हो सके, फिर उन चारो को उनके एंट्रेंस के मार्क्स के अनुसार एक इंजीनियरिंग कॉलेज मिला जो भोपाल में था और तीनो ने अपना वेरिफिकेशन कराने के लिए भोपाल चले गए।





कुछ ही दिनों में उन चारो ने अपने कॉलेज की सारी तैयारियां कर ली और वो बहुत खुश थे की वो अब फिर से एक दूसरे के साथ है.




हॉस्टल लाइफ 




A Hostel story will shock you!





भोपाल में उन्होंने एक हॉस्टल में रहना शुरू कर दिया , चारो बहुत खुश थे वो साथ में कॉलेज जाते फिर कॉलेज से हॉस्टल आते फिर रात में बाइक लेके वो लोग घूमने निकल जाते, उनका कॉलेज का पहला दिन भी काफी अच्छा रहा स्कूल की ही तरह वो लोग कॉलेज भी डेली जाते और हमेशा कुछ न कुछ नया सिखके हॉस्टल में बाते करते और मस्ती करते,


इनमे से कोई सबसे ज्यादा खुश रहता था तो वो था कुनाल



कुनाल की आदत थी जब भी वो हॉस्टल के अपने रूम से बहर निकलता तो अपनी बोतल हाथ में लेके मेस वाले सुरेश भैया से मिलता पूछता की आज क्या बना रहे हो ? और मजाक मजाक में उनकी उडाता की कल का खाना बकवास बनाया था हॉस्टल के लड़के बता रहे थे !!

सुरेश भैया के बहुत पूछने के बाद कुनाल बताता की " नहीं भैया रे में तो मजाक कर रहा था तुम फालतू पगला रहे हो! "
ऐसी कुनाल की मस्ती मेस वाले भैया के साथ साथ हॉस्टल के मालिक शर्मा जी से भी चलती थी,,

जब भी ये चारो अपने कॉलेज जाते तो नीचे ऑफिस में अपने हॉस्टल के मालिक शर्मा जी से कुनाल मिलके जाता और जब भी शर्मा जी उसको पैसे के लिए कुनाल को बोलते की तुम्हरा रेंट नहीं आया है अभी तक तो कुनाल मजाक में बोलता था " क्या करोगे आप इतने पैसे जब देखो बस पैसे पैसे करते हो ,नहीं देना इस महीने के तो भूल ही जाओ "  और शर्मा जी हस्ते हुए उसको बोलते की " बेटा आना नहीं हॉस्टल " और कुनाल जाते हुए बोलता जाता की   " शर्मा जी हाथ पकड़कर भी निकालोगे तो भी नहीं जाउगा इस हॉस्टल से. "

कुनाल को  वो हॉस्टल बहुत पसंद आया था वहा का रहन सहन मस्ती मजाक मेस वाले सुरेश भैया हो या शर्मा जी हो.. वो सबसे बहुत जुड़ चूका था और उसके इस ब्योहार को देखकर उससे भी सारा हॉस्टल जुड़ गया था

कुनाल ने अपने पिता को भी भोपाल घुमाया और हॉस्टल दिखाकर शर्मा जी से से मिलवाया

ऐसे ही सब चलता रहा और २ साल निकल गए, और उसका प्यार उसके हॉस्टल से और ज्यादा गहरा हो गया था , तीज त्यौहार होने पर कुनाल के दोस्त अपने घर जाते पर कुनाल ने अपने घर भी ज्यादा जाना कम कर दिया था , जब कुनाल अपने घर जाता तो वहा अपने हॉस्टल के बारे में ही बताता रहता की कौन क्या है कैसा है, और सबकुछ और 1 हफ्ते के अंदर ही वापस अपने घर से अपने हॉस्टल आ जाता था और फिर उसके दोस्तों को भी उसके साथ भोपाल आना पड़ जाता था


उसके सभी दोस्त जानते थे की इसका घर में मन नहीं लगता अब बस हॉस्टल ही हॉस्टल और भोपाल ही दिखता  है, और इसके लिए उसके दोस्त उसका कभी कभी मजाक भी बनाते थे.

यही सब मौज मस्ती में पढाई लिखाई, कॉलेज के चलते चलते देखते ही देखते दिन बीतते गए..






एक दिन ऐसा हुआ की कुनाल को उसके घर से एक कॉल आया जिसमे उसके पिता जी ने उसे बताया की उनका ट्रांसफर सागर हो गया है और कुनाल उनकी इकलोती संतान थी तो इसी के चलते उन्होंने उससे कहा की कुछ दिन के लिए वो घर आ जाये और सब मिलके बात करेंगे और घर के कुछ जरुरी बातें बताना चाहते थे,


कुनाल को ट्रांसफर की बात सुनकर दुःख हुआ और उसको मजबूरन हॉस्टल छोड़कर घर के लिए आना ही था वो हॉस्टल और अपना कॉलेज का सोच रहा था की क्या करू क्या नहीं ,? पर फिर वो मजबूरी में हॉस्टल से घर आने की तैयारियां करने लगा वो अपना बैग जमा रहा था, और उसने रात में ही घर के लिए निकलने का फैसला किया,


रोहित, सौरभ और सुभम कुनाल का बैग जमा रहे थे ,और उसे समझा रहे थे  रोहित ने कहा की " अब ज्यादा पगला मत ट्रांसफर से क्या होता है आराम से जा तू मेरे पापा का तो 3 बार ट्रांसफर हो चुका है "

सुभम ने भी उसे बोला की " कॉलेज की टेंशन मत ले हम देख लेंगे बस तू आराम से जा और यहाँ की टेंशन मत लेना कुछ दिन में तो आ ही जायगा "


कुनाल जाते हुए अपने मेस वाले सुरेश भैया से मिला और बोला " भैया में आता हु कुछ दिन में आप रोना नहीं मेरी याद में, भैया हसे और बोले " हाओ आराम से जाना,"

फिर शर्मा जी से मिला तो शर्मा जी ने बोला कहा जा रहा है हीरो ! कुनाल ने बोला की " घर जा रहा हु शर्मा जी  काम से और मै अभी गया और अभी आया हॉस्टल से दूर सांस भी लेने में तकलीफ होती है मेको आप सब का प्यार मेको खींचकर ले ही आता है " इतना कहकर वो निकल पड़ा,


इसके बाद कुनाल बस से अपने घर नरसिंगपुर के लिए रवाना हो गया..


उसके दो दिन बाद ही कुनाल सुबह वापस हॉस्टल में आ गया और दोस्तों ने पूछा की बिना कॉल किये बताये कैसे आ गया और तू तो एक हफ्ते बाद ही आने वाला था न,उसने बस इतना बोला " मेरी मर्जी  आ गया "

उसके दोस्त उससे कुछ पूछ पाते वो बोला में थक गया हु सोऊंगा अब ,, उसके दोस्तों ने बोला ठीक है तू आराम कर हम कॉलेज जा रहे है आके बात करते है,,

फिर रोहित ,सोरभ और शुभम कॉलेज से वापस आये तो देखा की कुनाल अभी तक बिस्तर पर ही सो रहा ही उन्होंने उससे पूछा की ज्यादा थक गया है क्या?
क्या हुआ तबियत ठीक है न ?
घर में सब ठीक है न ?

पर कुनाल ने बिना रजाई हटाए उनसे सिर्फ इतना बोला की हाँ सब ठीक है ,और कुछ नहीं बोला, उन्हें थोड़ा अजीव लगा पर उन्होंने उतना ध्यान नहीं दिया।
फिर उसके दोस्तों ने शाम को रात में उससे पूछा की कुनाल चल आते है घूमके उठ जा पर कुणाल ने उस पर कोई जवाब नहीं दिया,, जब उन तीनो ने साथ आकर उससे दुबारा पूछा तो उसने जाने के लिए मना कर दिया और बोला " तुम लोग जाओ "

उसके दोस्तों को फिर अजीव लगा  और उन्होंने पूछा की क्या हो गया है तुमको जब से आया है न बात कर रहा है न कुछ ? हुआ क्या तेरे को...

कुणाल ने दोबारा बोला " तुम लोग जाओ मेरा मन नहीं है कही जाने का "

इसके बाद वो लोग निकल गए,


कुणाल उनके जाने के बाद खड़ा हुआ और मेस में गया सुरेश वही खड़ा था और कुनाल ने उसको नजरअंदाज करके एक थाली निकाली और एक रोटी और सब्जी लेके चुपचाप किनारे बैठकर बिना किसी से बात किये खाने लगा , मेस वाले सुरेश भैया को ये बात बहुत अजीव लगी की ये लड़का कभी ऐसा नहीं हुआ की मुझसे बात न किया हो और आज अचानक इसको क्या हो गया ?? उन्होंने आंगे होकर उससे पूछा कुनाल तुम तो घर से 1 हफ्ते बाद आने वाले थे न तो दो दिन में ही कैसे आ गये?

कुनाल अचानक रुका और बोला की हाँ मेरी मर्जी आ गया , इतना बोलकर उसने थाली रख दी, और अपने रूम पर चला गया.. सुरेश ने थाली देखी तो उसने पाया की उसने सब्जी को हाथ भी नहीं लगाया था और रोटी खा लिया था !! सुरेश को उसकी ये हरकत अजीव लगी फिर वो अपने काम में वापस लग गया.


उसके दोस्त वापस आये और देखा की कुणाल बिस्तर पर अभी भी लेता हुआ है उन्होंने उससे खाने का पूछा तो उसने कहा उसने खा लिया है..

ऐसे ही वो रात निकल गयी सुबह सब उठे और सबने देखा की कुनाल अपने बेड में नहीं है, उन लोगो ने उसे कॉल किया पर कॉल लगा नहीं , और उसके दोस्त कॉलेज चले गए, कॉलेज से वापस आने के बाद उसके दोस्तों ने देखा की कुनाल अपने बेड में ही है तो उससे पूछे की कहा था तू  क्या हो गया है तेरे को ?
कुछ बता भी नहीं रहा है,?
उसने बोला कुछ नहीं हुआ मै थक गया हु तो आराम कर रहा हु बस, उसके हॉस्टल के दोस्तों ने भी बताया की कुनाल  को क्या हो गया है किसी से बात नहीं करता न देखता सुरेश भैया भी बता रहे थे की कोई दिक्कत है क्या कुणाल को, ?? किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था की कुनाल ऐसा क्यों कर रहा है,

सबके जाने के बाद कुणाल उठता और दोपहर में हॉस्टल से पता नहीं कहा चला जाता,, शर्मा जी ने पूछा की कुणाल इतने जल्दी कैसे आ गया तो उनकी बातो को नजरअंदाज करके वो बाहर निकल गया, (शर्मा जी उस दिन सुबह कुछ काम से आये थे)

शर्मा जी को उसकी ये हरकत अजीव लगी की जो लड़का खुद आगे होकर उनको हमेशा छेड़ा करता था आज अचानक उसको क्या हो गया ??

कुणाल लोगो को नजरअंदाज करके सुबह सबके उठने के पहले 4 बजे तक उठकर कही चला जाया करता था और सीधा लोगो के सोने के वक़्त ही आया करता था उसके दोस्तों को कुछ समझ नहीं आ रहा था की इसको हुआ क्या है ?

शर्मा जी सुरेश और उसके दोस्तों से पूछे की कुनाल की तबियत ठीक है न आज कल रुखा रुखा क्यों रह रहा है , दिखता भी नहीं ज्यादा ये लड़का ? सबने एक ही बात बोली की हमे खुद कुछ समझ नहीं आ रहा की इसको हुआ क्या है??

ना ठीक से बात करता ??
ना कुछ ठीक से खाना खाता ?
न कॉलेज जा रहा है?
न ही अभी तक अपने कपडे बदले ?


किसी को कुछ समझ आ नहीं रहा था और उससे पूछने का वक़्त भी नहीं था क्योकि वो सुबह निकल जाता और सीधा उस वक़्त आता जब सबका सोने का वक़्त होता



ऐसे ही करते करते 6 दिन बीत गए और एक दिन सुबह सुबह उनके रूम में एक लड़का आया और बोलै की कुणाल कहा है उन्होंने देखा की कुणाल अपने बेड में नहीं था तो कुणाल के दोस्तों ने पूछा की क्या हुआ ? तो उस लड़के ने बोला की कुणाल आपके साथ रहता है ? उन्होंने बोला हाँ तो उसने बोला आप लोगो को शर्मा जी बुला रहे है..


उनको कुछ समझ नहीं आया और वो लोग उठे और शर्मा जी के ऑफिस जाने  लगे,, जैसे वो अंदर गए उन्होंने देखा की कुनाल के पिता और माँ ऑफिस में चुपचाप दरवाजे की तरफ देख रहे थे जैसे वो अंदर गए तो उनको कुछ समझ नहीं आ रहा था और शर्मा जी भी खड़े थे और सुरेश भी,, कुणाल के दोस्तों ने बोला की क्या हुआ अंकल जी आप लोग यहाँ कैसे सब ठीक है न ? कुणाल ने बताया नहीं की आप लोग आ रहे हो ??


इतना सुनते ही कुणाल की माँ ने रोना शुरू कर दिया और अंकल जी की भी आँखों से आँसू निकलने लगे। .!!


उन लोगो की कुछ समझ में नहीं आ रहा था की ये रो क्यों रहे है हो क्या रहा है ?

इसके बाद अंकल ने उनको बताया की बेटा कुणाल जब घर आ रहा था तब उसकी बस कुछ देर के लिए  एक ढाबे में रुकी थी वह रोड क्रॉस करते वक़्त एक कार ने उसको टक्कड़ मार दी और मेरा कुणाल हमको छोड़ कर चला गया ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

हम उसका सामान लेने के लिए आये है. ... ... .. ... ... ... ..



इतना सुनते ही उसके दोस्तों के पेरो से जमीन खिसक गयी वो लोग एक दूसरे का चेहरा देख रहे थे,,,, सुरेश शर्मा जी और कुणाल के दोस्तों को कुछ समझ नहीं आ रहा था की ये कैसे हो सकता है कुणाल तो उनके साथ 5 दिन से साथ में है ... वो लोग काफी डर गए थे ,, उनके मुँह से आवाज नहीं निकल रही थी!!





उसके दोस्तों ने अंकल और कुनाल की माँ को सबकुछ बताया की 6 दिन से कैसे वो उनके साथ रह रहा है ?
उसकी आजीव हरकतो के बारे में ?

उसके माता पिता को उनकी बातो पर विस्वास नहीं हुआ क्योकि जिसका अंतिम संस्कार वो करके आये थे वो यहाँ कैसे आ सकता है ?? किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था इसी बीच सुभम ने बोला की कुणाल शाम को हॉस्टल आता है आप लोग देखना। . ...


पर उस दिन रात में कुनाल वापस नहीं आया और उसको फिर किसी ने कभी नहीं देखा!!!



उसके माता पिता, शर्मा जी, सुरेश और उसके दोस्त सभी अपने रूम पर गए और उसके बेड को देखा ठीक से तलाशी ली तो देखा की बेड में सिर्फ एक " रोटी ' थी जो सूख चुकी थी !! और उनको अभी भी कुछ समझ नहीं आ रहा था की कुणाल उनके साथ कैसे आ सकता है ,हमारे सामने चलता था जाता था ? चल क्या रहा था ? ये सब ???

सुरेश ने , शर्मा जी ने , उसके दोस्तों ने देखा आखिर ये कैसे संभव था की कोई मारा हुआ इंसान वापस जिन्दा हो जाए या वो उसकी आत्मा थी जो उनके सामने आ रही थी...






उस दिन शर्मा जी ने सबसे एक बात कही की  " कुनाल सही था..!! उसने कहा था की वो ये हॉस्टल को छोड़कर नहीं जायगा, जल्दी आ जायगा। ..!! और उसने ऐसा ही किया,,, वो वापस आया था, अपना वादा निभाने,,,,,,,,,,,,,











कुदरत का यह नियम है की किसी की आखिरी ख्वाइश कोई टाल नहीं सकता, भगवान् भी नहीं!!!









तो दोस्तों आपको अगर ये सच्ची कहानी पसंद आयी हो तो कमेंट करके जरूर बताये और अपने फ्रेंड्स के साथ भी जरूर शेयर करे! ताकि में ऐसी और भी सच्ची और रोचक कहानिया आपके लिए लेके आउ..










Tuesday, 6 November 2018

5 वैज्ञानिक कारण जो आत्माओ का दावा करते है

5 वैज्ञानिक कारण जो आत्माओ का दावा करते है 




5 वैज्ञानिक कारण जो आत्माओ का दावा करते है



लोगों की एक आश्चर्यजनक संख्या जो भूत में विश्वास करती है। चैपलैन यूनिवर्सिटी के 2017 के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 52 प्रतिशत अमेरिकियों का मानना है कि स्थानों को आत्माओं द्वारा प्रेतवाधित किया जा सकता है, 2015 से लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पहले ब्रिटेन के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 52 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अलौकिक में विश्वास किया था। लेकिन ऐसी चीजों के लिए और अधिक वैज्ञानिक आधार हो सकता है जो रात में एक अस्वस्थ जीवनकाल की तुलना में टक्कर लेते हैं।


यहां आपके घर में उस भयानक उपस्थिति के लिए छह तार्किक स्पष्टीकरण दिए गए हैं।


1)   इलेक्ट्रोमेग्नेटिक फ़ील्ड



 इलेक्ट्रोमेग्नेटिक फ़ील्ड




दशकों से, माइकल पर्सिंगर नामक एक कनाडाई न्यूरोसायटिस्ट ने भूत के लोगों की धारणाओं पर विद्युत चुम्बकीय क्षेत्रों के प्रभावों का अध्ययन किया है, जो कि स्पंदित स्तर पर अपरिवर्तनीय चुंबकीय क्षेत्र परिकल्पना करते हैं, जिससे लोग महसूस कर सकते हैं कि कमरे में "उपस्थिति" है जिसे लोबों में असामान्य गतिविधि पैटर्न पैदा करके उनके मस्तिष्क के साथ परिवर्तन कर सकते है । पर्सिंगर ने अपने प्रयोगशाला में लोगों को एक तथाकथित "गॉड हेलमेट" पहने हुए प्रयोगशाला का अध्ययन किया है, यह पता लगाने के लिए कि 15 से 30 मिनट के लिए किसी के सिर पर कमजोर चुंबकीय क्षेत्रों के कुछ पैटर्न इस धारणा को बना सकते हैं कि कमरे में एक अदृश्य उपस्थिति है।


कुछ बाद के शोध ने इस सिद्धांत पर वापस धकेल दिया है, बहस करते हुए कि लोग इस सुझाव का जवाब दे रहे थे कि वे विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र की बजाय भूतिया उपस्थिति महसूस कर रहे थे । हालांकि, पर्सिंग काउंटर जो इस प्रयोग ने अपने स्वयं के शोध [पीडीएफ] की तुलना में बहुत अलग प्रोटोकॉल का पालन किया। अन्य वैज्ञानिकों ने यह भी पाया है कि जिन वातावरणों में प्रेतवाधित होने की मान्यता  है, वे उसे अक्सर असामान्य चुंबकीय क्षेत्र का नाम देते हैं।



2)   इंफ्रासॉउन्ड 


इंफ्रासॉउन्ड





इंफ्रासाउंड स्तर पर ध्वनि है इसलिए बहुत कम मनुष्य इसे नहीं सुन सकते हैं (हालांकि हाथी की तरह अन्य जानवर भी कर सकते हैं)। कम आवृत्ति कंपन अलग शारीरिक असुविधा पैदा कर सकती हैं। निवासियों के पास पवन टरबाइन और यातायात शोर के प्रभावों का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों ने पाया है कि कम आवृत्ति शोर विचलन [ आतंक की भावनाओं, हृदय गति में परिवर्तन और रक्तचाप, और अन्य प्रभाव जो आसानी से देखे जा सकते हैं जैसे आत्मा। उदाहरण के लिए, 1998 में हेनिंग्स के प्राकृतिक कारणों पर पेपर में, इंजीनियर वीक टैंडी ने चिकित्सा उपकरण निर्माता के लिए काम करने का वर्णन किया, जिनकी प्रयोगशालाओं में एक कथित रूप से प्रेतवाधित कमरा शामिल था। जब भी टैंडी ने इस विशेष प्रयोगशाला में काम किया, तो वह उदास और असहज महसूस करता था, अक्सर अजीब बातों को सुनता और देखता था-जिसमें एक छाया भी शामिल थी जो निश्चित रूप से भूत की तरह दिखती थी। आखिरकार, उन्होंने पाया कि कमरा एक प्रशंसक से आने वाली 19 हर्ट्ज की स्थायी तरंग का घर था, जो अवांछित कंपन को भेज रहा था जो विचलित प्रभाव पैदा करता था। आगे के अध्ययन में रीढ़ की हड्डी को ठंडा करने या असहज महसूस करने जैसे इंफ्रासाउंड और विचित्र संवेदनाओं के बीच संबंध भी पाए गए 






3)   कार्बन मोनोक्साइड POISONING



कार्बन मोनोक्साइड POISONING



1921 में, डब्ल्यूएच नामक एक डॉक्टर विल्मर ने अमेरिकी जर्नल ऑफ़ ओप्थाल्मोलॉजी में एक प्रेतवाधित घर के बारे में एक अजीब कहानी प्रकाशित की। परिवार जो इस प्रेतवाधित निवास में रहता था, जिसे चिकित्सा साहित्य में एच परिवार कहा जाता था, अजीब घटनाओं का अनुभव करना शुरू कर दिया जब वे अजीब दर्शकों की उपस्थिति महसूस करते हुए रात में घूमते हुए और अजीब आवाजों में घूमते हुए पुराने घर की सुनवाई के फर्नीचर में चले गए। वे भूत द्वारा बिस्तर पर नीचे गिरने, कमजोर महसूस करने लगे जैसे-जैसे वो कुछ समझ पाते उन्होंने देखा की एक दोषपूर्ण भट्टी कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ उनके घर को भर रही थी, जिससे उन्हें और अजीव दृश्य देने लगे ,भट्ठी तय की गई थी, और एच परिवार वापस अपने जिंदगी में चले गए। 






4)   मोल्ड



क्लार्कसन विश्वविद्यालय के एक इंजीनियरिंग प्रोफेसर शेन रोजर्स ने पिछले कुछ महीनों में बिताए गए खतरनाक स्थानों की यात्रा की है जो असामान्य गतिविधि की तलाश में थे मोल्ड ग्रोथ। प्रारंभिक शोध इंगित करता है कि कुछ मोल्ड ऐसे लक्षण पैदा कर सकते हैं जो बहुत भूतिया-जैसे तर्कहीन भय और डिमेंशिया की तरह लगते हैं। वह मानसिक फ्लॉस को बताता है, "मैंने बहुत सारे भूत शो देखे हैं।" "अगर वहां कोई लिंक है, जहां हम यह समझाने में सक्षम हो सकते हैं कि लोगों को इन भावनाओं का सामना क्यों किया जा रहा है।" रोजर्स कहते हैं - "अब तक डेटा संग्रह प्रक्रिया में, "यह कहना मुश्किल है कि यह एक योगदान कारक है या नहीं, लेकिन अजीब बात यह है कि हम उन जहरीले मोल्ड देख रहे हैं जो प्रेतवाधित स्थानों में मौजूद हैं,






5) क्या हम विश्वास करना चाहते हैं ?



क्या हम विश्वास करना चाहते हैं ?



फ्रांसीसी बताते हैं, "भूतों में विश्वास के लिए एक प्रेरक पक्ष है।" हम सभी मौत के बाद जीवन में विश्वास करना चाहते हैं। हमारी मृत्यु दर का विचार वह है जिसे हम आम तौर पर सहज नहीं रखते हैं। "पुष्टि पूर्वाग्रह हमारी धारणाओं पर शक्तिशाली प्रभाव डालता है। "हम किसी भी चीज के लिए साक्ष्य पर विश्वास करना इतना आसान पाते हैं जिसे हम किसी भी तरह विश्वास करना चाहते हैं,"





निश्चित तौर पर हम यह सकते है की अगर ईश्वर है तो इनका अस्तित्व भी है ऐसे बहुत सारे शोध हो चुके है जिससे ये साबित हो चूका है की अपनी दुनिया में एक ऐसी अदृश्य शक्तिया मौजूद है जिससे हम जुड़ सकते है उनकी मौजूदगी का पता लगा सकते है और यहां तक की हम कुछ मशीनों द्वारा उनसे बात भी कर सकते है , जो उनकी मोजूदगी का पता लगाने के लिए ही बनाये गए है, 






Sunday, 4 November 2018

होटल में ROOM NO.13 क्यों नहीं होता ?

क्यों डरते है लोग इस 13 नंबर से ?



 होटल में ROOM NO.13 क्यों नहीं होता ?
soirce



13 नंबर  का असामान्य डर जिसे त्रिस्काइडकाफोबिया भी कहा जाता है, विज्ञान में सबसे लोकप्रिय मिथकों में से एक है और इसमें कोई वैज्ञानिक स्पष्टीकरण नहीं है। बहुत से लोग मानते हैं कि 13 एक दुर्भाग्यपूर्ण संख्या है। इसलिए जब भी ऐसे लोग 13 नंबर के साथ सामना करते हैं या बातचीत करते हैं, तो वे दुर्भाग्य से जुड़े कुछ विचारों को स्वीकार करते हैं। आपने देखा होगा कि कई होटलों में 13 नंबर के साथ कमरा नहीं है। कई इमारतों में 13 वीं मंजिल नहीं है। इसे कभी-कभी 12 ए के रूप में गिना जाता है। 13 वें शुक्रवार को डर के रूप में जाना जाता है, जो कई देशों में इसकी जड़ें हैं।



 क्या ये सभी अंधविश्वासवादी विचार हैं ?

 होटल में ROOM NO.13 क्यों नहीं होता ?
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Triskaidekaphobia

Triskaidekaphobia 13 नंबर का एक गंभीर डर है। एक भय के रूप में, यह सिर्फ एक हल्की बेचैनी से अधिक है। इस स्थिति वाले लोग तीव्र चिंता के लक्षण प्रदर्शित करते हैं जब वे अपने डर की वस्तु का सामना करते हैं या सामना करते हैं। लक्षणों में घबराहट होना, उल्टी, सांस लेने में कठिनाई, तेज दिल की धड़कन, पसीना और आतंक की भावनाएं शामिल हैं। होटल में 13 वी मंजिल नहीं बनाई जाती या उसका नाम बदलकर 13A रख दिया जाता हैं, 13 वीं मंजिल वाले लिफ्ट में या ऐसी मंजिल पर कमरा रखने से असुविधा हो सकती है।


अंधविश्वास और 13

सामान्य ज्ञान यह है कि 13 नंबर का डर सबसे पहले लिखित ग्रंथों में से एक है - हम्मुराबी कोड। कहानी यह है कि कोड के लेखकों ने सूची में 13 वें कानून को छोड़ दिया। हालांकि, सूची में कोई संख्या नहीं है। फिर भी, संख्या 13 का एक अंधविश्वास डर फसल हो गया। प्रारंभिक धर्मों में संख्या 13 खराब हो सकती है। कुछ कहते हैं कि लोकी 13 वें नोर्स भगवान थे। जुडास द लास्ट सपर के लिए बैठने वाला 13 वां था। हालांकि, 17 वीं शताब्दी तक अंधविश्वास स्पष्ट नहीं था।


लिफ्ट

मुख्य क्षेत्र जहां 13 वीं मंजिल के विघटन की बात आती है तो आप अंतर देखेंगे। आप इसे सीढ़ियों में भी देख सकते हैं। ये, अधिकांश भाग के लिए, केवल मूर्त अंतर हैं। इसलिए, होटल 13 वीं मंजिल से बाहर नहीं जा रहे हैं। होटल केवल कुछ स्थानों पर फर्श को अलग-अलग लेबल कर रहे हैं जहां ये व्यवसाय स्तर को लेबल करते हैं। ओटिस लिफ्ट के अनुसार, 85 प्रतिशत लिफ्ट पैनलों में नंबर 13 छोड़ दिया गया है।


इतिहास

लंबा होटल में 13 वीं मंजिल छोड़ने की आदत अपेक्षाकृत नई है। गगनचुंबी इमारत 1885 तक नहीं आईं। फिर भी, पहली गगनचुंबी इमारत - गृह बीमा भवन - केवल 12 कहानियां लंबी थीं। ऐसा प्रतीत होता है कि यह परंपरा 13 वीं मंजिल और इसके ऊपर की हर चीज को छोड़कर शुरू हुई है, क्योंकि आलोचकों का मानना ​​है कि इस तरह के लंबे गगनचुंबी इमारतों ने अनजान छाया डाली होगी।



कमरा नंबर 13 



 होटल में ROOM NO.13 क्यों नहीं होता ?
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कुछ लोग मानते है की 13 नंबर  बहुत ही अपशगुन है और वो उस नंबर से जुड़े किसी भी ऐसी जगह में है नहीं रहना चाहते जहा 13 नंबर का कुछ देखने सुनने में आये..हालांकि ये बात भी सच है की 13 नंबर वाले ज्यादातर स्थानों में कुछ आजीव घटनाएं जरूर हुई है जो लोगो को सोचने पर मजबूर करता है या कहलो उनके अंदर डर  भरता है, बहुत सारे ऐसे लोगो ने कमरा नंबर 13 में आत्मा हत्या करी है वो भी बिना किसी कारण के, और अगर हम करे लिफ्ट की बात तो 13 नंबर लिफ्ट में होता ही नहीं क्योकि कुछ लोगो का मन्ना है की ये नंबर कुछ ऐसी भयानक और दुर्भाग्य की चीजे शुरू कर देता है जिसे हम कभी महसूस करना नहीं चाहेंगे !!

पर क्या वाकई में ऐसा कुछ है या सिर्फ ये एक अंधविश्वास है ? पर होटल्स के मालिकों ने क्या इसे सच माना  है या वो सिर्फ अपना घाटा नहीं उठाना चाहते ?












आप बताये क्या अपने कभी महसूस किया है इस नंबर से जुड़े कुछ अजीव अनुभवों का, आप इस बारे में क्या सोचते है हमे कमेंट करके जरूर बताये।












Friday, 2 November 2018

Statue of unity, India, some interesting facts

"Statue of unity" से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी


Statue of unity, India some interesting facts
STATUE OF UNITY


दुनिया की सबसे ऊच्ची मूर्ति सरदार वल्लभाई पटेल की मूर्ति जिसको नाम दिया गया है " STATUE OF UNITY " का  (INDIA)


जिसका उदघाटन 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभाई पटेल के जन्मदिन के अवसर पर श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया गया है, मोदी जी के शासन काल में बनकर तैयार हुई ये मूर्ति जो सपना नरेंद्र मोदी जी ने देखा था अपने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में,वो आज पूरा हो चूका है.




Statue of unity, India some interesting facts
STATUE OF UNITY





तो चलिए अब बात करते है इससे सम्बंधित कुछ महत्पूर्ण जानकारी के बारे में 



1)   STATUE OF UNITY नर्मदा नदी के किनारे बनी हुई है


2)   STATUE OF UNITY  की लम्बाई कुल लम्बाई 182 M है.

3)   STATUE OF UNITY,  LARSEN AND TOUBRO COMPANY द्वारा बनवाई गयी है जिसको L & T COMPANY भी कहा जाता है.

4)   STATUE OF UNITY में लगभग 2989 करोड़ में बनी है 


5)    STATUE OF UNITY ब्रोंज प्लेट्स से बनाई गयी है। 


6)  STATUE OF UNITY बनने की शुरुवात 31 अक्टूबर 2014 से हुई, जिसको बनने में 33 महीने लगे. 


7)   STATUE OF UNITY का SCULPTOR राम वी.सुतार ने बनाया था.


8)   STATUE OF UNITY का उदघाटन जब हुआ तो उस दिन सरदार वल्लभाई पटेल की 143 जयंती मनाई गयी 


9)  STATUE OF UNITY से पहले SPRING TEMPLE BUDDHA STATUE, CHIINA मूर्ति दुनिया की सबसे ऊँची मूर्ति थी 


10)  STATUE OF UNITY प्रोजेक्ट को सबसे पहले 7 अक्टूबर 2010 को अनाउंस किया गया था 


11)   STATUE OF UNITY साधु बेट नामक आइलैंड पर बना हुआ है 


12  STATUE OF UNITY पर सबसे ज्यादा खर्च गुजरात सरकार ने किया है.



Statue of unity, India some interesting facts
SARDAR PATEL,(source)



13)  सरदार वल्लभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ 


14)  सरदार वल्लभाई पटेल मूर्ति का नाम स्टेचू ;ऑफ़ यूनिटी इसलिए रखा गया क्योकि उन्होंने भारत के विभिन्न भागो को एक किया था 


15)   STATUE OF UNITY , STATUE OF LIBERTY से दुगनी बड़ी है






तो दोस्तों ये  रही कुछ जरूरी बाते जो हमे  STATUE OF UNITY के बारे में जरूर जननी चाहिए।।।














Thursday, 1 November 2018

पूरी दुनिया को हैरान कर देने वाला BURARI DEATH CASE Mystery

एक आदमी जो बना 11 मौतों का जिम्मेदार 


पूरी दुनिया को हैरान कर देने वाला BURARI DEATH CASE Mystery
सोर्स गूगल 




पूरी दुनिया को सख्ते में डाल देने वाला दिल्ली का बुरारी केस मामला जिसने पूरी दुनिया के पीछे राज पे राज छोड़ गए थे दिल्ली में रहने वाले एक भाटिया परिवार जिसके 11 सदस्यों ने एक साथ अपने ही घर में हस्ते खेलते फांसी में लटक गए,जिनमे ललित भाटिया की बुजुर्ग माँ और उसका पूरा परिवार शामिल था और पीछे छोड़ गए सिर्फ और सिर्फ 11 रजिस्टर !! जिसमे थी उनके मौत की असली वजह


पुलिस ने कहा कि अपराध शाखा जांचकर्ताओं का मानना है कि मृत जोड़े में से एक - ललित भाटिया और उनकी पत्नी टीना ने अन्य परिवार के सदस्यों के हाथों और पैरों को बांध लिया था, इससे पहले कि वे सभी एक गलियारे की छत पर लोहे के ग्रिल से खुद को लटकाकर अनुष्ठान किये और फिर अनुष्ठान के बाद खुद को मोत के मुँह में सोप दिया।



क्या है 11 पाइप 11 गिरिल और 11 रजिस्टरों का राज 



पूरी दुनिया को हैरान कर देने वाला BURARI DEATH CASE Mystery
सोर्स गूगल 




भाटिया के परिवार की तलाशी में ये सच सामने आया की उनकी 11 लोगो की मौत से जुड़ती कुछ अजीव बाते जिसे जानकर कोई भी उस पर यकीन नहीं करेगा,
उनके घर से निकले 11  पाइप  ,और 11 रजिस्टर और साथ ही  उनके घर अंदर लगी 11 गिरिल  वाली डिज़ाइन ,ये बहुत ही आश्चर्य की बात थी की जहा उस पुरे परिवार के 11 सदस्यों की एक साथ मौत हो जाये और उनके घर से ठीक वैसे ही 11 नंबर की चीजे मिले जो वाकई में बहुत हेरत में डालने वाली बात थी.. 


और एक साथ गयी 11 लोगो की जान 


पूरी दुनिया को हैरान कर देने वाला BURARI DEATH CASE Mystery
गूगल सोर्स 




नई दिल्ली: 30 जून को उत्तर दिल्ली घर में लटका पाया गया परिवार अपने कथित "जन आत्महत्या" से कम से कम 10 दिन पहले तैयारी शुरू कर चुका था। पारिवारिक घर के सामने एक परिसर से प्राप्त एक वीडियो फुटेज के अनुसार, परिवार ने अपने घर के नजदीक दुकानों से अनुष्ठान, पांच टेबल और पट्टी में इस्तेमाल किए गए सामान खरीदे।

बुधवार को अपराध शाखा के अधिकारियों ने संत नगर में घर का दौरा किया और एक और खोज आयोजित की।

पुलिस ने कहा कि अपराध शाखा जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि मृत जोड़े में से एक - ललित भाटिया और उनकी पत्नी टीना ने अन्य परिवार के सदस्यों के हाथों और पैरों को बांध लिया था, इससे पहले कि वे सभी एक गलियारे की छत पर लोहे के ग्रिल से खुद को लटकाए अनुष्ठान प्रार्थना किये।

"एक और वीडियो क्लिपिंग में, भावनेश की पत्नी सविता और टीना 30 जून को 10 बजे पांच स्टूल खरीद रही थीं। कुछ समय बाद, उनके किशोर बच्चों ध्रुव और शिवम को बिजली के तार लाते हुए देखा गया था, जिसका इस्तेमाल परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा लटकने में किया जाता था ।

पुलिस उपायुक्त जॉय एन तिर्की ने कहा, "जांच की रेखा ललित और उनकी पत्नी की भूमिका पर केंद्रित है।"

"पिछले दो महीनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे अपराध शाखा ने संदिग्ध गतिविधियों में शामिल जोड़े को पाया है। जोड़े को 23 जून से 30 जून तक अनुष्ठान प्रार्थनाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले सामान लेते थे। 27 जून के फुटेज में से एक में, जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ललित को वास्तु शास्त्र से जुड़ी वस्तुओं वाली पॉलीबैग ले जाया गया था।

"ललित दैनिक ने अपने रजिस्ट्रारों में पिछले दिन के कामों और सूचीबद्ध गतिविधियों को याद किया और उन चीजों की सूची बनाई जिन पर उन्होंने अन्य परिवार के सदस्यों का पालन करने का निर्देश दिया था। वह मौत और रहस्यों के रहस्यों पर शोध करते थे। उनके मोबाइल फोन के विवरण के अनुसार, वह अक्सर 'यू ट्यूब' और अन्य इंटरनेट प्लेटफार्मों पर असाधारण और भूत शो देखेते थे।

अधिकारी ने कहा, "यह जांच में पाया गया था कि आमतौर पर परिवार घरेलू सामान खरीदने के लिए अपने कर्मचारियों में से एक को भेजता था।"

"पास के रेस्तरां में एक कर्मचारी ने कहा कि उसने 30 जुलाई को ललित भाटिया द्वारा आदेशित 20 रोटी दी थीं। ललित भाटिया ने खाद्य पैकेट प्राप्त किया था, जिन्होंने अपने भाई भावेश से पैसे लेने के लिए पैसे ले लिए थे।



पूरी दुनिया को हैरान कर देने वाला BURARI DEATH CASE Mystery
सोर्स गूगल 




"ललित भाटिया को आखिरी घटना में रात में घर में प्रवेश करने को देखा गया था। वह परिवार के पालतू कुत्ते के साथ सड़क पर घूम रहा था, जो अनुष्ठान प्रार्थना के दौरान दूसरी मंजिल पर एक कमरे में बंधा हुआ था। उनके पड़ोसी ने कहा कि परिवार आम तौर पर खुलासा करता है की रात के दौरान उनका कुत्ता जोरसे भोक्ता रहता था पर उस दिन उस कुत्ते की भोकने की आवाज नहीं आयी.

"भारतीय सेना में रहने वाले अपने स्वर्गीय पिता गोपालदास की तरह, ललित ने अनुष्ठान प्रथाओं के दौरान सभी परिवार के सदस्यों को अनुशासन, आचरण संहिता, डॉस के रिहर्सल और डॉन में प्रशिक्षण दिया। रजिस्टरों में से एक में प्रवेश के अनुसार घर, उन्होंने मानसिक शक्ति को बढ़ाने के लिए सुबह की प्रार्थनाओं के बाद अक्सर सैनिकों की तरह स्थिति में खड़े होने के लिए परिवार के सदस्यों को निर्देश दिया।



पूरी दुनिया को हैरान कर देने वाला BURARI DEATH CASE Mystery
गूगल सोर्स 




उन्होंने कहा, "हम मनोविज्ञान और असाधारण विशेषज्ञों की मदद लेंगे क्योंकि हमें लगता है कि यह साझा मनोवैज्ञानिक विकार का मामला है।"

सितंबर को अपने घर में सेप्टुगेनेरियन नारायणी देवी और उनके 10 परिवार के सदस्यों को फांसी में लटका देखा गया जब उनके एक पडोशी ने उनके घर जाकर देखा।

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